तालाब को सुंदर बनाने की कोशिश में कहीं तालाब का पानी ही न रुक जाए — अनूपपुर कलेक्टर रत्नाकर झा ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को यही सावधानी बरतने को कहा है। कलेक्ट्रेट के नर्मदा सभागार में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के नगरीय क्षेत्रों में आने वाले तालाबों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम इस तरह कराया जाए कि पानी की आवक और निकासी की व्यवस्था किसी भी रूप में प्रभावित न हो।

बैठक में कलेक्टर ने निकायवार चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाकर उन्हें तय समय-सीमा में पूरा कराया जाए। नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों में गुणवत्ता, समय-सीमा और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया।

पहले पानी की राह, फिर सजावट

कलेक्टर ने साफ कहा कि तालाब में प्राकृतिक रूप से आने वाले पानी के प्रवाह के साथ-साथ दूसरे माध्यमों से पानी पहुंचाने के लिए बने इंटक मार्ग भी सुचारू और सुरक्षित रहने चाहिए। सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के कामों से जल प्रवाह में किसी तरह का अवरोध पैदा नहीं होना चाहिए।

निर्देश यह भी है कि तालाब की जलधारण क्षमता और उसकी उपयोगिता बनाए रखते हुए पानी की आवक-निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार और आसपास स्वच्छता से जुड़े विकास कार्य कराए जाएं। यानी क्रम तय है — पहले तालाब की जल व्यवस्था, उसके बाद सजावट का काम।

अमरकंटक में एमआरएफ सेंटर हटाने को कहा

अमरकंटक के धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने वहां संचालित एमआरएफ (मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अमरकंटक को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह अभी निर्देश के स्तर पर है; नई जगह तय होने की जानकारी बैठक में सामने नहीं आई।

निर्माणाधीन सीसी सड़कों को लेकर कलेक्टर ने प्रॉपर लेवलिंग का विशेष ध्यान रखने और तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने को कहा।

स्टेडियम में ड्रेनेज, और एक बड़े मार्केटिंग परिसर की तैयारी

खेल प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए बन रहे स्टेडियम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसे जिले के लिए एक महत्वपूर्ण खेल परिसर बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण उच्च गुणवत्ता का हो और मैदान में व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि बारिश का पानी जमा न हो और खिलाड़ियों को असुविधा न झेलनी पड़े।

स्थानीय जरूरतों के हिसाब से सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़े और सुव्यवस्थित मार्केटिंग परिसर के विकास के लिए भी आवश्यक प्रयास करने को कहा गया। फिलहाल यह प्रस्ताव के स्तर पर है — बैठक में इसके लिए स्थान, लागत या समय-सीमा तय होने की कोई जानकारी नहीं दी गई।

कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि जिले के समग्र विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करें तथा नियमित मैदानी निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित करें। बैठक में अपर कलेक्टर बालवीर रमन सहित विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।

अपने शहर या कस्बे के तालाब पर काम चल रहा हो तो नागरिक इन्हीं बिंदुओं पर नजर रख सकते हैं — पानी के आने का रास्ता और निकासी नाली खुली है या नहीं, और सौंदर्यीकरण के ढांचे कहीं उसी रास्ते पर तो नहीं बन रहे। शिकायत या सुझाव संबंधित नगर पालिका/नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यालय में दर्ज कराए जा सकते हैं।