जिले के विकासखंड जबलपुर के ग्राम नानाखेड़ा के प्रगतिशील किसान श्याम पटेल अपनी कड़ी मेहनत, नवाचार और राज्य शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से उन्नत खेती को अपनाकर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक मिसाल बन चुके हैं। वे पार्सले और पुदीने जैसी आधुनिक एवं लाभकारी सब्जियों की खेती कर रहे हैं और अपनी उपज को सीधे मंडी में खुद दुकान लगाकर बेचते हैं, जिससे उन्हें अपनी गुणवत्तापूर्ण सब्जियों के बेहतरीन दाम प्राप्त होते हैं।
रासायनिक उर्वरक की बजाय जैविक खाद पर जोर --
श्याम पटेल पारंपरिक खेती के साथ-साथ पूरी तरह से जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। वे अपनी फसलों में रासायनिक खादों का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करते हैं। खेत के लिए जैविक खाद की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अपने खेत पर ही वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) का टांका तैयार किया है, जिसमें वे जैविक कचरे और अपशिष्ट पदार्थों से उच्च गुणवत्ता वाली खाद बनाकर अपनी फसलों में उपयोग करते हैं।
घरेलू और प्राकृतिक कीटनाशक का सफल प्रयोग:-
फसलों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए श्री पटेल ने रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर पूरी तरह प्राकृतिक और स्वदेशी तरीका अपनाया है। वे नीम की निबौली, गुड़ और पानी को आपस में मिलाकर लगभग तीन महीने तक सड़ने के लिए छोड़ देते हैं। इसके बाद इस मिश्रण को छानकर तैयार घोल का छिड़काव फसलों पर करते हैं, जिससे बिना किसी रासायनिक दुष्प्रभाव के कीटों पर प्रभावी नियंत्रण हो जाता है।
स्थानीय संसाधनों से कम लागत में अधिक लाभ --
श्री पटेल समय-समय पर कृषि अधिकारियों से तकनीकी सलाह लेते हैं और नए सुझावों को अपनी खेती में पूरी ईमानदारी से लागू करते हैं। उनकी यह सफलता साबित करती है कि यदि किसान स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग करें और जैविक तरीकों को अपनाएं, तो कम लागत में भी उच्च गुणवत्ता वाला और टिकाऊ कृषि उत्पादन संभव है।


